किसान गाजर की खेती से कर सकते है मोटी कमाई, जाने इसकी उन्नत किस्में और खेती के बारे में


आप भी जानते है गाजर खाना सभी को बहुत ज्यादा पसंद होता है। यह सेहत के लिए बहुत ज्यादा लाभकारी होती है। गाजर में विटामिन ए, विटामिन के और विटामिन सी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है. गाजर खाने से आपकी इम्यूनिटी भी बढ़ती हैं. खास बात यह है कि गाजर के अंदर बहुत अधिक मात्रा में फाइबर मि मात्रा पायी जाती है। ऐसे में इसका सेवन करने से कब्ज का रोग ठीक हो जाता है और पाचन तंत्र की भी मजबूत बनता है तथा इसकी खेती उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा सहित कई राज्यों में बढे पैमाने पर इसकी खेती की जाती है।

खेती के लिए तापमान

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काली गाजर की खेती के लिए 15 से 30 डिग्री तक तापमान की जरुरत पढ़ती है। अगर किसान भाई काली गाजर की खेती करने का सोच रहे है। तो सबसे पहले खेत की कई बार अच्छी तरह से जोताई कर लेनी चाहिए। इसके बाद खेत में पहले से तैयार वर्मी कंपोस्ट डाल दिया जाता है और पाटा चलाकर खेत को समतल कर दिया जाता है। फिर, क्यारी बनाकर बीजों की बुवाई कर दी जाती है। यदि आप एक हेक्टेयर में काली गाजर की खेती कर रहे है। तो आपको 5 से 6 किलो तक बीजों की आवशयकता होगी।

गाजर की उन्नत किस्मे

किसान गाजर की खेती कर रहे है तो इसकी सितंबर महीने में किसी फसल की खेती करना चाहते हैं तो आप गाजर की कुछ उन्नत किस्मों की खेती कर सकते है। इन उन्नत किस्मों में पूसा केसर, पूसा मेघाली, पूसा आसिता, नैंटस और पूसा रुधिर किस्में शामिल हैं. इन किस्मों की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं।

गाजर की खेती से मुनाफा

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गाजर की फसल बुवाई के 70 से 90 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है। प्रति हेक्टेयर आप 8 से 10 टन प्रति हेक्टेयर प्राप्त कर सकते हैं. बाजार में गाजर 30 से 50 रुपये प्रति किलो गाजर बिकता हैं. इस हिसाब से आप सिर्फ एक हेक्टेयर में ही गाजर की खेती में लाखों की कमाई कर सकते है।


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